इंडिया मार्क 2 हैंडपंप (चापाकल) की मरम्मत: सिलेंडर, कप सील और चेक वाल्व – पूरी गाइड

संक्षेप में: इंडिया मार्क 2 हैंडपंप (चापाकल) की ज़मीन के नीचे की ज़्यादातर खराबी सिलेंडर के कुछ रबर पुर्ज़ों के घिसने से होती है: दो कप सील, दो रबर सीटिंग और तीन सीलिंग रिंग। इन्हें बदलने के लिए प्रशिक्षित मैकेनिक राइज़र पाइप बाहर निकालता है, सिलेंडर खोलकर नए रबर पुर्ज़े लगाता है, बाल्टी में सिलेंडर की जाँच करता है और पंप फिर से लगाता है। यह गाइड हर चरण को आसान भाषा में समझाती है। यह Skat और रूरल वॉटर सप्लाई नेटवर्क (RWSN) द्वारा UNICEF के साथ प्रकाशित इंडिया मार्क II हैंडपंप इंस्टॉलेशन व मेंटेनेंस मैनुअल पर आधारित है।

ज़मीन के नीचे क्या है

इंडिया मार्क 2 एक लीवर (हत्थे) से चलने वाला गहरे बोरवेल का हैंडपंप है, जो लगभग 50 मीटर गहराई तक से पानी खींच सकता है। असली पंपिंग का काम बोरवेल के नीचे, नज़र से दूर होता है:

  • राइज़र पाइप: 32 mm के GI पाइप, हर एक 3 मीटर लंबा, जो पानी को ऊपर टोंटी तक लाते हैं।
  • कनेक्टिंग रॉड (पंप रॉड): 3 मीटर लंबी गैल्वनाइज़्ड स्टील की रॉड, जो राइज़र पाइप के अंदर चलती हैं और हैंडल को प्लंजर से जोड़ती हैं।
  • सिलेंडर: कास्ट आयरन की बॉडी जिसके अंदर 63.5 mm की पीतल की लाइनर होती है; दोनों सिरों पर रिड्यूसर कैप लगे होते हैं।
  • प्लंजर: पीतल का प्लंजर जिसमें दो नाइट्राइल रबर के कप सील (कप वॉशर) और एक अपर वाल्व होता है; यह सिलेंडर के अंदर ऊपर-नीचे चलता है।
  • चेक वाल्व (फुट वाल्व): सिलेंडर के नीचे लगा एक-तरफ़ा वाल्व, जो पाइप में भरे पानी को वापस बोरवेल में गिरने से रोकता है।
इंडिया मार्क 2: ज़मीन के नीचे क्या है इंडिया मार्क 2: ज़मीन के नीचे क्या है ▼ जल स्तर पंप हेड और हैंडल वॉटर टैंक और टोंटी प्लेटफ़ॉर्म में पंप स्टैंड बोरवेल केसिंग राइज़र पाइप (32 mm GI, 3 मीटर) कनेक्टिंग रॉड (3 मीटर, M12 चूड़ी) सिलेंडर (63.5 mm, पीतल लाइनर) कप सील वाला प्लंजर चेक वाल्व (फुट वाल्व) ज़मीन के ऊपर के पुर्ज़े ज़मीन के नीचे (डाउनहोल) के पुर्ज़े सिलेंडर 10–50 मीटर गहराई पर skpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.in © एस के पंप इंडस्ट्रीज़ · skpumps.in
इंडिया मार्क 2 हैंडपंप के ज़मीन के नीचे के पुर्ज़े। सिलेंडर आमतौर पर 10–50 मीटर गहराई पर लगाया जाता है।

ये पुर्ज़े बोरवेल में गहराई पर होते हैं, इसलिए इंडिया मार्क 2 को गाँव स्तर पर खुद ठीक किया जाने वाला (VLOM) पंप नहीं माना जाता। केयरटेकर मासिक देखभाल कर सकता है, लेकिन ज़मीन के नीचे की मरम्मत के लिए विशेष औज़ारों वाला प्रशिक्षित मैकेनिक चाहिए।

इंडिया मार्क 2 सिलेंडर का कटा हुआ दृश्य इंडिया मार्क 2 सिलेंडर का कटा हुआ दृश्य कनेक्टिंग रॉड राइज़र पाइप ऊपरी रिड्यूसर कैप सीलिंग रिंग प्लंजर रॉड प्लंजर असेंबली सिलेंडर बॉडी (कास्ट आयरन) पीतल की लाइनर चेक वाल्व असेंबली सीलिंग रिंग (2) निचला रिड्यूसर कैप पानी का प्रवेश skpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.in © एस के पंप इंडस्ट्रीज़ · skpumps.in
सिलेंडर के अंदर: प्लंजर के कप सील पीतल की लाइनर पर फिसलते हैं; चेक वाल्व निचले रिड्यूसर कैप में बैठता है।

पंप कब निकालना पड़ता है?

कुछ भी खोलने से पहले पक्का करें कि खराबी सच में ज़मीन के नीचे है। मैनुअल की ये तीन आसान जाँच सिर्फ़ 20 लीटर की बाल्टी और घड़ी से हो जाती हैं:

तीन आसान जाँच (पंप खोले बिना) तीन आसान जाँच (पंप खोले बिना) पानी की मात्रा जाँच 40 पूरे स्ट्रोक लगभग 1 मिनट में ✔ ≥ 16 लीटर: ठीक ✘ < 10 लीटर: पंप निकालें लीकेज जाँच (मात्रा) 30 मिनट रुककर 40-स्ट्रोक वाली जाँच दोहराएँ ✔ अंतर ≤ 2 लीटर: ठीक ✘ > 2 लीटर: लीकेज लीकेज जाँच (स्ट्रोक) पंप 30 मिनट बंद रखें, पानी आने तक स्ट्रोक गिनें ✔ ≤ 5 स्ट्रोक: ठीक ✘ > 5 स्ट्रोक: लीकेज जाँच की सीमाएँ: इंडिया मार्क II इंस्टॉलेशन व मेंटेनेंस मैनुअल (Skat/RWSN, 2008) skpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.in © एस के पंप इंडस्ट्रीज़ · skpumps.in
ये जाँच बताती हैं कि राइज़र पाइप निकालने की ज़रूरत है या नहीं।
लक्षणज़मीन के नीचे संभावित कारण
हैंडल आसानी से चलता है पर पानी कम या बिल्कुल नहींकप सील घिसे हुए, कनेक्टिंग रॉड खुल गई, चेक वाल्व अटका हुआ, या जल स्तर सिलेंडर से नीचे चला गया
बहुत स्ट्रोक के बाद पानी आता है (30 मिनट रुकने के बाद 5 से ज़्यादा)चेक वाल्व या सीलिंग रिंग से रिसाव, कप सील घिसे, या राइज़र पाइप के जोड़ से रिसाव
40 स्ट्रोक में 10 लीटर से कम पानीकप सील घिसे, राइज़र पाइप में दरार या जंग, या ढीला जोड़
लाल, मटमैला या लोहे जैसे स्वाद वाला पानीGI राइज़र पाइप और रॉड में जंग (नीचे जंग वाला पानी देखें)
नीचे के स्ट्रोक पर चेन मुड़ जाती हैऊपरी रॉड ज़्यादा लंबी है, प्लंजर चेक वाल्व पर टिक रहा है

पहले ऊपर की आसान खराबियाँ भी देख लें: टूटी चेन, ढीले एक्सल नट या घिसे बॉल बेयरिंग, इन्हें पाइप निकाले बिना ठीक किया जा सकता है।

औज़ार, सामान और स्पेयर पार्ट्स

विशेष औज़ार (मैकेनिक की किट)

औज़ारकिस काम आता है
ट्राइपॉड (तिपाई) और चेन ब्लॉक (या घिरनी और रस्सी)भारी राइज़र पाइप उठाने के लिए, आमतौर पर 30–50 मीटर गहराई पर
लिफ्टिंग स्पैनर (2 या 3)कम गहराई (लगभग 10–30 मीटर) पर हाथ से पाइप उठाने के लिए
पाइप क्लैंपचेन ब्लॉक के हुक से पाइप पकड़ने के लिए
पाइप वाइसपाइप खोलते समय पूरी पाइप लाइन को स्टैंड पर थामे रखने के लिए
कनेक्टिंग रॉड वाइस और रॉड लिफ्टररॉड पकड़ने और उठाने के लिए
चेन सपोर्टपंप हेड हटाते समय चेन और ऊपरी रॉड को थामने के लिए
पाइप रिंच (2)राइज़र पाइप और रिड्यूसर कैप खोलने-कसने के लिए
स्पैनर 17 और 19 mm (2-2); नए मानक के लिए 16 और 18 mmM10 और M12 नट-बोल्ट
आरी (हैक्सॉ), रेती, M12 डाई सेट, तार वाला ब्रशऊपरी रॉड काटने व चूड़ी बनाने, चूड़ियाँ साफ़ करने के लिए

सामान

पाइप की चूड़ियों के लिए ग्रीस लगा सन (हेम्प), सीलिंग लिक्विड या टेफ़्लॉन टेप; चेन के लिए हैवी-ड्यूटी ग्रीस; रेगमाल (एमरी क्लॉथ) और साफ़ कपड़ा; जाँच के लिए साफ़ पानी की 20 लीटर की बाल्टी।

हर मरम्मत पर साथ ले जाने वाले स्पेयर पार्ट्स

पुर्ज़ाप्रति पंप संख्याकहाँ लगता है
कप सील (ड्रॉइंग C2359)2प्लंजर असेंबली
रबर सीटिंग, अपर वाल्व (C2360)1प्लंजर असेंबली
रबर सीटिंग, चेक वाल्व (C2364)1चेक वाल्व
सीलिंग रिंग (C2354)3सिलेंडर और रिड्यूसर कैप के बीच

साथ में एक अतिरिक्त राइज़र पाइप और एक कनेक्टिंग रॉड, कुछ सॉकेट व रॉड कपलर, और पंप हेड के बॉल बेयरिंग रखना भी फ़ायदेमंद है।

सुरक्षा पहले

  • पंप हेड और हैंडल के बीच कभी उँगली न डालें; चलते पुर्ज़े उँगली कुचल सकते हैं।
  • राइज़र पाइप को हमेशा मज़बूती से पकड़ें या पाइप वाइस में कसा रखें। फिसलती पाइप लाइन हाथ कुचल सकती है और पूरी लाइन बोरवेल में गिर सकती है।
  • उठाने से पहले तय करें कि कौन क्या करेगा, और पूरे काम के दौरान आपस में बात करते रहें।
  • सही औज़ार ही इस्तेमाल करें; जुगाड़ू औज़ार चूड़ियाँ खराब करते हैं और दुर्घटना कराते हैं।
  • तेल, धातु के बुरादे, कपड़े और औज़ार बोरवेल में न गिरने दें।

चरण 1: ऊपर के पुर्ज़े हटाएँ

  1. पंप हेड के ढक्कन का बोल्ट खोलकर ढक्कन हटाएँ।
  2. हैंडल नीचे करें और चेन असेंबली के नीचे चेन सपोर्ट लगाएँ।
  3. हैंडल को सबसे ऊपर उठाएँ। दो स्पैनर से “नायलॉक” नट खोलें, चेन का बोल्ट निकालें और चेन को हैंडल से अलग करें।
  4. पंप हेड और वॉटर टैंक के बीच के बोल्ट खोलकर हेड उठा लें। चेन नीचे की फ्लैंज के छेद से निकल जाएगी।
  5. बीच की फ्लैंज (मिडल फ्लैंज) को 90° घुमाएँ, उसे पकड़कर ऊपरी रॉड उठाएँ, और वॉटर टैंक की ऊपरी फ्लैंज पर रॉड वाइस लगाएँ। मिडल फ्लैंज को वाइस पर टिका रहने दें।
  6. चेन सपोर्ट हटाएँ, ऊपरी रॉड से चेन खोलें, चेक नट खोलें और मिडल फ्लैंज निकाल लें।
  7. रॉड लिफ्टर पेंच से लगाएँ, उसे मज़बूती से पकड़ें, रॉड वाइस खोलकर हटाएँ और रॉड को धीरे से नीचे करें जब तक प्लंजर चेक वाल्व पर न टिक जाए। फिर रॉड लिफ्टर खोल दें।
  8. वॉटर टैंक और पंप स्टैंड के बीच के बोल्ट खोलें। वॉटर टैंक को लगभग 50 सेमी उठाएँ, राइज़र पाइप को पाइप वाइस में कसें और टोंटी घुमाकर वॉटर टैंक खोल लें।

चरण 2: राइज़र पाइप बाहर निकालें

उठाने का तरीका सिलेंडर की गहराई पर निर्भर करता है:

  • लगभग 10–30 मीटर: वॉटर टैंक की चूड़ी (या सबसे ऊपरी सॉकेट) में राइज़र पाइप का छोटा टुकड़ा लगाएँ और दो-तीन लिफ्टिंग स्पैनर से उठाएँ।
  • लगभग 30–50 मीटर: लाइन हाथ से उठाने के लिए बहुत भारी होती है। ट्राइपॉड, चेन ब्लॉक और पाइप क्लैंप का इस्तेमाल करें।
ट्राइपॉड और चेन ब्लॉक से राइज़र पाइप निकालना ट्राइपॉड और चेन ब्लॉक से राइज़र पाइप निकालना ≈ 0.5 मीटर ट्राइपॉड (तिपाई) चेन ब्लॉक हुक तक रस्सी पाइप क्लैंप स्टैंड पर पाइप वाइस 1 पाइप क्लैंप लगाकर वज़न लें 2 पाइप वाइस हटाएँ 3 एक पाइप (3 मीटर) ऊपर खींचें 4 पाइप वाइस फिर लगाएँ 5 राइज़र पाइप खोलें 6 कनेक्टिंग रॉड खोलें 7 सिलेंडर निकलने तक दोहराएँ 10–30 मीटर: लिफ्टिंग स्पैनर काफ़ी 30–50 मीटर: ट्राइपॉड + चेन ब्लॉक skpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.in © एस के पंप इंडस्ट्रीज़ · skpumps.in
राइज़र पाइप एक बार में 3 मीटर निकाले जाते हैं; बीच में पाइप वाइस पूरी लाइन को थामे रखता है।
  1. राइज़र पाइप पर पाइप क्लैंप लगाएँ और छोटी रस्सी से चेन ब्लॉक के हुक से बाँधें।
  2. चेन ब्लॉक को तब तक कसें जब तक वह वज़न न ले ले, फिर पाइप वाइस धीरे से खोलकर हटाएँ।
  3. लाइन को तब तक उठाएँ जब तक अगला सॉकेट पंप स्टैंड की ऊपरी फ्लैंज से लगभग 0.5 मीटर ऊपर न आ जाए।
  4. पाइप वाइस फिर से लगाकर लाइन को मज़बूती से कसें।
  5. पाइप क्लैंप हटाएँ और दो पाइप रिंच से ऊपर निकला राइज़र पाइप खोलें।
  6. खुले पाइप को हाथ से थोड़ा उठाएँ ताकि रॉड का जोड़ दिखे, और कनेक्टिंग रॉड खोलें।
  7. पाइप और रॉड को साफ़ जगह (लकड़ी के लट्ठों या पाइप स्टैंड) पर रखें, ज़मीन पर कभी नहीं। सिलेंडर बाहर आने तक यही दोहराएँ।
  8. आख़िरी राइज़र पाइप को सिलेंडर के ऊपरी रिड्यूसर कैप से खोलें, फिर आख़िरी रॉड को प्लंजर रॉड से अलग करें।
सुझाव: निकलते समय पाइप और रॉड गिनते जाएँ। वापस लगाते समय उतने ही लगेंगे, और इसी गिनती से सिलेंडर की गहराई भी रिकॉर्ड में लिखी जा सकती है।

चरण 3: सिलेंडर खोलकर मरम्मत करें

सिलेंडर को हल्के से पकड़ें (या पाइप रिंच से थामें) और दोनों रिड्यूसर कैप खोलें। ऊपर से प्लंजर असेंबली और नीचे से चेक वाल्व निकालें, और तीनों सीलिंग रिंग हटाएँ।

प्लंजर असेंबली

प्लंजर असेंबली – खुला हुआ दृश्य प्लंजर असेंबली – खुला हुआ दृश्य 1 प्लंजर रॉड 2 प्लंजर बॉडी 3 अपर वाल्व 4 रबर सीटिंग ★ 5 कप सील (ऊपरी) ★ 6 स्पेसर 7 कप सील (निचली) ★ 8 फॉलोअर ↑ दोनों कप सील के किनारे (लिप) ऊपर की ओर रखें ★ = घिसने वाला पुर्ज़ा, हर मरम्मत में बदलें skpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.in © एस के पंप इंडस्ट्रीज़ · skpumps.in
प्लंजर असेंबली, ऊपर से नीचे। ★ वाले पुर्ज़े घिसने वाले हैं, इन्हें हर मरम्मत में बदलें।
  1. प्लंजर रॉड खोलें, फिर प्लंजर बॉडी को फॉलोअर से खोलें।
  2. अपर वाल्व निकालें और उसकी रबर सीटिंग हटाएँ।
  3. स्पेसर को फॉलोअर से निकालें और दोनों कप सील उतारें।
  4. पीतल के सभी पुर्ज़े साफ़ करें। अपर वाल्व और फॉलोअर की सीट पर घिसाव या टूट-फूट देखें।
  5. नए पुर्ज़ों के साथ इसी क्रम में जोड़ें: स्पेसर के निचले हिस्से पर एक कप सील और ऊपरी हिस्से पर दूसरी कप सील लगाएँ, दोनों के किनारे (लिप) ऊपर की ओर। फॉलोअर को स्पेसर में डालें, ऊपर नई रबर सीटिंग वाला अपर वाल्व रखें, प्लंजर बॉडी पेंच से कसें, फिर प्लंजर रॉड कसें।

चेक वाल्व

चेक वाल्व (फुट वाल्व) – खुला हुआ दृश्य चेक वाल्व (फुट वाल्व) – खुला हुआ दृश्य सिलेंडर बॉडी 1 सीलिंग रिंग ★ 2 चेक वाल्व 3 रबर सीटिंग ★ 4 सीट रिटेनर 5 चेक वाल्व सीट 6 सीलिंग रिंग ★ 7 निचला रिड्यूसर कैप ★ = घिसने वाला पुर्ज़ा, हर मरम्मत में बदलें skpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.inskpumps.in © एस के पंप इंडस्ट्रीज़ · skpumps.in
चेक वाल्व (फुट वाल्व) के पुर्ज़े और निचले रिड्यूसर कैप में उनका क्रम।
  1. चेक वाल्व को चेक वाल्व सीट से अलग करें, सीट रिटेनर और रबर सीटिंग निकालें।
  2. सीट साफ़ करें और दरार, टूटे किनारे या घिसी सतह देखें।
  3. चेक वाल्व को सीट के साथ जोड़ें, नई रबर सीटिंग लगाएँ और सीट रिटेनर से कसें।
कप सील सबसे पहले क्यों घिसते हैं: हर स्ट्रोक पर कप सील लाइनर पर रगड़ते हैं, दिन में हज़ारों बार। पानी में रेत और गाद हो तो ये और जल्दी घिसते हैं। इसीलिए सिलेंडर को फ़िल्टर (स्क्रीन) से ऊपर और बोरवेल की तली से दूर लगाना चाहिए।

चरण 4: पाइप, रॉड और लाइनर की जाँच

पंप बाहर है तो सिर्फ़ खराब पुर्ज़ा नहीं, सब कुछ जाँचें:

  • सिलेंडर लाइनर: अंदर उँगली घुमाकर देखें। गहरी खरोंचें नए कप सील को जल्दी खराब कर देंगी; लाइनर ज़्यादा खराब हो तो सिलेंडर बदलें। हल्की गंदगी रेगमाल से साफ़ करें।
  • कनेक्टिंग रॉड: हर रॉड को समतल जगह पर लुढ़काकर देखें कि टेढ़ी तो नहीं; चूड़ियाँ और कपलर जाँचें। टेढ़ी या जंग लगी रॉड बदलें।
  • राइज़र पाइप: जंग, गड्ढे, पतली दीवार, दरार और खराब चूड़ियाँ देखें। चूड़ियाँ तार वाले ब्रश से साफ़ करें।
  • सॉकेट और कपलर: घिसी या खराब चूड़ी वाले बदल दें।

जंग वाला पानी: कारण ठीक करें, सिर्फ़ लक्षण नहीं

अगर राइज़र पाइप और रॉड में बहुत जंग लगी है, तो पानी अम्लीय होने की संभावना है। RWSN के Stop the Rot शोध में पाया गया कि जहाँ भूजल का pH लगभग 6.5 से कम होता है, वहाँ गैल्वनाइज़्ड पुर्ज़ों में तेज़ी से जंग लगना आम है। जंग लगे GI पाइप की जगह फिर से GI पाइप लगाने से समस्या कुछ समय बाद लौट आती है। ऐसी जगहों पर SS कपलिंग वाले PVC राइज़र पाइप लगाएँ। अच्छे पुर्ज़ों का महत्व समझने के लिए पढ़ें: सस्ते हैंडपंप पार्ट्स महंगे क्यों पड़ते हैं।

चरण 5: सिलेंडर जोड़ें और बाल्टी में जाँचें

  1. देख लें कि लाइनर साफ़ है। सिलेंडर और दोनों रिड्यूसर कैप की चूड़ियाँ साफ़ करें और सीलिंग लिक्विड या ग्रीस लगा सन लगाएँ।
  2. निचले रिड्यूसर कैप में पहली नई सीलिंग रिंग रखें, चेक वाल्व असेंबली डालें, दूसरी सीलिंग रिंग रखें और सिलेंडर को कैप में कसें।
  3. प्लंजर असेंबली सिलेंडर में डालें, तीसरी सीलिंग रिंग रखें, ऊपरी रिड्यूसर कैप लगाएँ और दोनों कैप पाइप रिंच से कसें।
  4. बाल्टी जाँच: सिलेंडर का निचला सिरा साफ़ पानी की बाल्टी में डुबोएँ और प्लंजर रॉड को ऊपर-नीचे चलाएँ जब तक सिलेंडर भर न जाए। उसे सीधा खड़ा करें और रिसाव देखें। पहले कुछ मिनट बाहरी सतह सूखने दें, ताकि ऊपर लगे पानी को रिसाव न समझ बैठें। रिसाव हो तो पहले दोनों कैप और कसें, फिर ज़रूरत हो तो खोलें।

चरण 6: पंप फिर से लगाएँ

  1. पहला राइज़र पाइप और उसकी रॉड प्लेटफ़ॉर्म पर लिटाएँ और रॉड को प्लंजर रॉड से जोड़ें।
  2. पाइप की चूड़ी पर सील लगाएँ (ग्रीस वाला सन, सीलिंग लिक्विड या टेफ़्लॉन टेप), पाइप को ऊपरी रिड्यूसर कैप में लगाएँ और दो पाइप रिंच से कसें।
  3. सिलेंडर को हाथ से नीचे उतारें जब तक पाइप स्टैंड से लगभग 50 सेमी ऊपर न रह जाए, फिर पाइप वाइस में कसें।
  4. हर अगले पाइप के लिए: पहले रॉड जोड़ें, फिर सील लगा राइज़र पाइप; थोड़ा उठाएँ, वाइस हटाएँ और नीचे उतारें। लाइन भारी होने पर (आमतौर पर 5–10 पाइप के बाद) चेन ब्लॉक और पाइप क्लैंप इस्तेमाल करें।
  5. अगर पिछली बार से जल स्तर नीचे गया है, तो एक राइज़र पाइप और एक रॉड और जोड़ें, ताकि गर्मियों में भी सिलेंडर पानी में रहे।
  6. आख़िरी पाइप पर वॉटर टैंक लगाएँ, स्टैंड की फ्लैंज पर उतारें, टोंटी सही दिशा में घुमाएँ और 4 × M12 बोल्ट से कसें।
  7. ऊपरी रॉड की लंबाई: अगर रॉड जोड़ी या बदली हैं, तो ऊपरी रॉड ऐसे काटें कि प्लंजर चेक वाल्व या ऊपरी कैप से न टकराए। वॉटर टैंक की फ्लैंज की ऊपरी सतह पर निशान लगाएँ, रॉड वाइस में कसें, रॉड पर कपड़ा लपेटें ताकि बुरादा और तेल कुएँ में न गिरे, काटें, किनारा घिसें और 40 mm की M12 चूड़ी बनाएँ।
  8. मिडल फ्लैंज, चेक नट, चेन कपलिंग, पंप हेड, नए “नायलॉक” नट के साथ चेन बोल्ट और ढक्कन, चरण 1 के उल्टे क्रम में लगाएँ। चेन में ग्रीस लगाएँ।
  9. हेड बंद करने से पहले देखें: रॉड आसानी से चलती है (नहीं तो कोई रॉड टेढ़ी है), चेन कपलिंग पूरी कसी है, फ्लैंज के 8 बोल्ट कसे हैं, और अंदर कोई औज़ार या कपड़ा नहीं छूटा।

चरण 7: जाँच करें और रिकॉर्ड रखें

  1. पाइप भरने तक पंप चलाएँ। 40 मीटर गहराई पर पानी आने में लगभग 100 पूरे स्ट्रोक लगते हैं।
  2. इसके बाद 100 स्ट्रोक और चलाएँ और देखें कि पानी साफ़ है, तेल या गंदगी नहीं।
  3. पानी की मात्रा जाँच: लगभग एक मिनट में 40 पूरे स्ट्रोक पर कम से कम 16 लीटर पानी आना चाहिए।
  4. लीकेज जाँच: पंप 30 मिनट बंद रखकर जाँच दोहराएँ। अंतर 2 लीटर से ज़्यादा न हो, और 5 स्ट्रोक के अंदर पानी आ जाए।
  5. केयरटेकर को बताएँ कि क्या खराब था और क्यों, और पंप के मेंटेनेंस कार्ड में तारीख़, खराबी, बदले गए पुर्ज़े और गहराई लिखें।

समस्या और समाधान तालिका

समस्यासंभावित कारणसमाधान
हैंडल आसानी से चलता है पर पानी नहींकप सील घिसेपाइप निकालें, सिलेंडर खोलें, कप सील बदलें
जल स्तर सिलेंडर से नीचेराइज़र पाइप और रॉड जोड़ें
चेक वाल्व खुला अटकापाइप निकालें, सिलेंडर खोलें, चेक वाल्व ठीक करें
रॉड खुल गईपाइप निकालें, रॉड जोड़ें
देर से या कम पानीचेक वाल्व से रिसावरबर सीटिंग बदलें, सीट जाँचें
सीलिंग रिंग घिसीतीनों सीलिंग रिंग बदलें
कप सील घिसेदोनों कप सील बदलें
जोड़ से रिसाव या पाइप में जंगखराब पाइप बदलें; जंग-रोधी पाइप पर विचार करें
प्लंजर अटका हुआगलत या खराब प्लंजर/सिलेंडर पुर्ज़ेसिलेंडर खोलें, नाप जाँचें, खराब पुर्ज़े बदलें
नीचे के स्ट्रोक पर चेन मुड़ती हैऊपरी रॉड लंबी; प्लंजर चेक वाल्व पर टिकता हैहेड खोलें, रॉड की लंबाई जाँचें, काटकर नई चूड़ी बनाएँ

इंडिया मार्क II इंस्टॉलेशन व मेंटेनेंस मैनुअल (Skat/RWSN) की ट्रबलशूटिंग तालिका पर आधारित।

नियमित रखरखाव का समय

कबकौनक्या करें
हर महीनेकेयरटेकरफ्लैंज के 8 बोल्ट, हैंडल एक्सल नट और चेन बोल्ट कसें; चेन में ग्रीस लगाएँ; प्लेटफ़ॉर्म और नाली की दरारें भरें; आसपास सफ़ाई और बाड़ ठीक रखें
हर 3 महीनेकेयरटेकर और मैकेनिकगायब नट-बोल्ट लगाएँ; असामान्य आवाज़ की जाँच; स्टैंड हिलता तो नहीं; पानी की मात्रा व लीकेज जाँच (पानी आने में 10 से ज़्यादा स्ट्रोक लगें तो रिसाव ठीक करवाएँ)
हर सालमैकेनिकपंप निकालें; दोनों कप सील, दोनों रबर सीटिंग, तीनों सीलिंग रिंग और हेड के बॉल बेयरिंग बदलें, चाहे वे अभी चल रहे हों

रबर पुर्ज़े पूरी तरह खराब होने से पहले समय पर बदलना ही सामुदायिक चापाकल को अचानक बंद होने से बचाता है। ठीक-ठाक पुराने पुर्ज़े आपातकाल के लिए रख लें।

प्रशिक्षण वीडियो

लफ़बरो यूनिवर्सिटी (यूके) के वॉटर, इंजीनियरिंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (WEDC) ने चार भागों में एक प्रशिक्षण फ़िल्म प्रकाशित की है: The Operation and Maintenance of the India Mark II Handpump (अंग्रेज़ी में):

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंडिया मार्क 2 के कप सील कितने समय में बदलने चाहिए?

मैनुअल के अनुसार कप सील, रबर सीटिंग और सीलिंग रिंग हर साल बदल देने चाहिए, चाहे वे अभी काम कर रहे हों। रेतीले या गाद वाले पानी में ये और जल्दी घिसते हैं।

क्या गाँव का केयरटेकर सिलेंडर ठीक कर सकता है?

नहीं। इंडिया मार्क 2 गाँव स्तर पर खुद ठीक किया जाने वाला पंप नहीं है। केयरटेकर मासिक जाँच और ग्रीसिंग करता है, लेकिन पाइप निकालना और सिलेंडर खोलना विशेष औज़ारों वाले प्रशिक्षित मैकेनिक का काम है।

इंडिया मार्क 2 निकालने के लिए कितने लोग चाहिए?

एक मैकेनिक और कम से कम दो सहायक: एक लिफ्टिंग स्पैनर या चेन ब्लॉक चलाने के लिए और एक पाइप व रॉड थामने और खोलने के लिए। गहरी और भारी लाइन के लिए ज़्यादा लोग लगते हैं।

कप सील किस तरफ़ लगते हैं?

दोनों कप सील के किनारे (लिप) ऊपर की ओर, यानी पंप हेड की तरफ़ रहते हैं, ताकि प्लंजर के ऊपर भरा पानी उन्हें लाइनर से दबाए रखे।

पानी आने में बहुत स्ट्रोक क्यों लगते हैं?

रात भर में पाइप का पानी रिसकर नीचे चला जाता है, चेक वाल्व, सीलिंग रिंग, कप सील या राइज़र पाइप के जोड़ से। 30 मिनट रुकने के बाद 5 से ज़्यादा स्ट्रोक लगें तो रिसाव की जाँच करानी चाहिए।

पानी लाल क्यों आता है?

लाल या मटमैला पानी आमतौर पर बताता है कि GI राइज़र पाइप और रॉड में जंग लग रही है। स्थायी समाधान है जंग-रोधी PVC राइज़र पाइप लगाना।

इंडिया मार्क 2 के असली स्पेयर पार्ट्स चाहिए? एस के पंप इंडस्ट्रीज़ (SKPI), रांची, BIS लाइसेंस (IS 15500) के तहत इंडिया मार्क 2 हैंडपंप और उसके सभी स्पेयर पार्ट्स झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सप्लाई करती है: कप सील, रबर सीटिंग, सीलिंग रिंग, सिलेंडर असेंबली, कनेक्टिंग रॉड, GI और SS कपलिंग वाले PVC राइज़र पाइप। देखें स्पेयर पार्ट्स या कॉल करें 0651-2271489 / 93040-61930, या संपर्क करें।

इस गाइड के बारे में
यह गाइड शरद झुनझुनवाला द्वारा skpumps.in (एस के पंप इंडस्ट्रीज़) के लिए तैयार की गई है।

स्रोत

चित्र © एस के पंप इंडस्ट्रीज़। यह गाइड प्रशिक्षित हैंडपंप मैकेनिकों के लिए है। हमेशा अपने जल विभाग या कार्यक्रम की प्रक्रियाओं का पालन करें।

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